मुंबई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवार के रूप में राजेंद्र जैन के नाम पर मुहर लगाई है। माना जा रहा है कि यह फैसला पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल को मनाने की दिशा में उठाई गई एक महत्वपूर्ण कवायद है।
महायुति नेताओं की मौजूदगी में नामांकन दाखिल
आज महायुति की ओर से राजेंद्र जैन ने अपना नामांकन दाखिल किया। इस दौरान एनसीपी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे और छगन भुजबल के अलावा शिवसेना से भरत गोगावले तथा भाजपा से मंत्री आशिष शेलार और राज्यसभा सांसद पार्थ पवार विशेष रूप से मौजूद रहे। नेताओं की यह मौजूदगी पार्टी में चल रहे आंतरिक समीकरणों को साफ तौर पर दर्शाती है।
आंतरिक मतभेदों को दूर करने की रणनीति

पिछले कुछ समय से एनसीपी में आंतरिक मतभेदों की खबरें सुर्खियों में थीं। जानकारी के अनुसार, पवार परिवार के हाथों में पार्टी की बागडोर जाने के बाद प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे जैसे वरिष्ठ नेताओं को उपेक्षित किए जाने की चर्चा थी। हालांकि, अब पार्टी ने इस नाराजगी को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। विधान परिषद की सीट पर सुनील तटकरे के बेटे को टिकट देकर उन्हें मनाने की कोशिश की गई थी, तो वहीं अब राजेंद्र जैन को राज्यसभा भेजकर प्रफुल्ल पटेल को साधने की रणनीति अपनाई जा रही है।
विदर्भ के मजबूत नेता हैं राजेंद्र जैन
राजेंद्र जैन विदर्भ के प्रभावशाली नेता माने जाते हैं और वे विधान परिषद के दो बार सदस्य रह चुके हैं। गोंदिया-भंडारा क्षेत्र से जुड़े जैन, एनसीपी के संस्थापक सदस्यों में शामिल हैं और पार्टी संगठन में लंबे समय से सक्रिय हैं।
वर्ष 2004 में वे पहली बार स्थानीय स्वराज्य संस्था क्षेत्र से विधान परिषद चुने गए और 2010 में फिर से जीतकर लगभग 12 वर्षों तक उन्होंने विधान परिषद में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का मानना है कि जैन के राज्यसभा पहुंचने से विदर्भ की समस्याओं को राष्ट्रीय सदन में प्रभावी ढंग से उठाया जा सकेगा और क्षेत्र में पार्टी का जनाधार और मजबूत होगा।







