विरार। वसई-विरार शहर महानगरपालिका (VVCMC) के प्रभाग समिति ‘सी’ के वार्ड नंबर 7 में स्थित फूलपाड़ा डैम परिसर में कचरा जलाए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि मनपा के आरोग्य कर्मचारी कचरे को निर्धारित डंपिंग ग्राउंड तक पहुंचाने के बजाय मौके पर ही आग लगा देते हैं। इस घटना के बाद स्थानीय नागरिकों में भारी नाराजगी है और मनपा प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
डंपिंग ग्राउंड के बजाय खुले में जलाया जा रहा कचरा
जानकारी के अनुसार, फूलपाड़ा डैम के पास मनपा अस्पताल के समीप विभिन्न क्षेत्रों से एकत्रित किए गए कचरे को खुले में जलाया जा रहा है। नियमों के अनुसार इस कचरे को वैज्ञानिक तरीके से निस्तारित करने के लिए डंपिंग ग्राउंड ले जाना चाहिए था, लेकिन कर्मचारियों की इस लापरवाही से पर्यावरण प्रदूषण की समस्या गंभीर हो गई है।
स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए बना खतरा
कचरा जलने से निकलने वाला जहरीला धुआं आसपास के इलाकों में फैल रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस धुएं से बच्चों, बुजुर्गों और श्वसन रोगों से पीड़ित लोगों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है। स्वच्छता के बड़े-बड़े दावे करने वाली मनपा के क्षेत्र में ही इस तरह की लापरवाही बरती जा रही है, जो चिंता का विषय है।
नागरिकों ने की तत्काल कार्रवाई की मांग
फूलपाड़ा और आसपास के रहवासियों ने मनपा आयुक्त और संबंधित विभाग से मांग की है कि खुले में कचरा जलाने की इस प्रथा पर तुरंत रोक लगाई जाए। साथ ही, कचरे का निस्तारण नियमानुसार डंपिंग ग्राउंड में ही सुनिश्चित किया जाए और जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
स्वास्थ्य विभाग ने दी सफाई, कार्रवाई का भरोसा
इस मामले में आरोग्य विभाग के सहायक आयुक्त जितेंद्र नाईक ने कहा कि खुले में कचरा जलाना पूरी तरह से गलत है और ऐसा नहीं होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी कर्मचारी ने इस तरह की लापरवाही बरती है, तो उसकी जांच की जाएगी और दोषी कर्मचारी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।










