वसई:
वसई तालुका के प्रसिद्ध समुद्र तटों (Beaches) पर सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने और असामाजिक तत्वों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए सभी तटों पर स्थायी पुलिस चौकियां स्थापित करने की मांग तेज हो गई है। इस गंभीर विषय को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता शिव प्रताप सिंह सोमवंशी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को एक पत्र भेजकर तत्काल हस्तक्षेप और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
पर्यटकों की पहली पसंद, लेकिन सुरक्षा का अभाव
मुख्यमंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि वसई तालुका के अर्नाला, राजोडी, राणगांव और कलंब जैसे समुद्र तट अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए बेहद लोकप्रिय हैं। यहाँ रोजाना हजारों की तादाद में स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ बाहरी पर्यटक सपरिवार घूमने और मनोरंजन के लिए आते हैं। पर्यटन और राजस्व की दृष्टि से इन समुद्र तटों का महत्व बेहद खास है, लेकिन लंबे समय से यहाँ स्थायी पुलिस चौकियों की कमी खल रही है।
असामाजिक तत्वों का जमावड़ा और असुरक्षित माहौल
ज्ञापन में सीधे तौर पर आरोप लगाया गया है कि समुद्र तटों पर पुलिस बल की नियमित उपस्थिति न होने के कारण कुछ असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद हैं। यहाँ खुलेआम सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीना, नशे की हालत में तेज रफ्तार से वाहन चलाना और अवैध रूप से शराब की बिक्री जैसी गैरकानूनी गतिविधियां धड़ल्ले से चल रही हैं। इसके कारण यहाँ आने वाले पर्यटकों, विशेषकर महिलाओं और सपरिवार आए लोगों को असुरक्षित और असहज माहौल का सामना करना पड़ता है।
शिव प्रताप सिंह सोमवंशी की मुख्य मांगें:
- वसई तालुका के सभी प्रमुख समुद्र तटों पर बिना किसी देरी के स्थायी पुलिस चौकियां स्थापित की जाएं।
- इन चौकियों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती हो और चौबीसों घंटे नियमित गश्त (Patrolling) सुनिश्चित की जाए।
- अवैध शराब की बिक्री, सार्वजनिक स्थलों पर शराब पीने वालों और ड्रिंक एंड ड्राइव करने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
कानून व्यवस्था सुधरने से पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
सोमवंशी ने विश्वास जताया है कि सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम से न केवल पर्यटकों, स्थानीय नागरिकों और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि समुद्र तटों पर कानून व्यवस्था भी सुदृढ़ होगी। सुरक्षित माहौल बनने से इस क्षेत्र में पर्यटन उद्योग को भी एक नई दिशा और बढ़ावा मिलेगा।





