वसई:
मुंबई से दिनभर की कड़ी मेहनत के बाद घर लौटने वाले हजारों कामकाजी लोगों और यात्रियों को वसई पूर्व रेलवे स्टेशन के बाहर रोजाना एक नई मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। स्टेशन से वसंत नगरी और एवरशाइन सिटी की ओर जाने वाले यात्रियों को पीक आवर्स के दौरान ऑटो रिक्शा पाने के लिए घंटों लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है। इससे स्थानीय निवासियों में भारी रोष और असंतोष व्याप्त है।
लोकल के थकाऊ सफर के बाद घंटों का इंतजार
मुंबई की भीड़भाड़ वाली लोकल ट्रेनों से सफर तय कर वसई स्टेशन पहुंचने वाले यात्रियों की मुश्किलें यहीं खत्म नहीं होतीं। स्टेशन से बाहर निकलते ही अपर्याप्त ऑटो रिक्शा सेवाओं के कारण उन्हें एक-एक घंटे से अधिक समय तक लाइन में इंतजार करना पड़ता है। इस स्थिति का सबसे बुरा प्रभाव देर शाम लौटने वाले नौकरीपेशा लोगों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, स्कूली विद्यार्थियों और छोटे बच्चों के साथ यात्रा कर रहे परिवारों पर पड़ रहा है।
स्वास्थ्य और जीवनशैली पर पड़ रहा बुरा असर
रोजाना घंटों कतार में खड़े रहने की मजबूरी के कारण नागरिक देर रात अपने घर पहुंच पा रहे हैं। इससे न केवल उनके पास परिवार के साथ बिताने का समय कम हो रहा है, बल्कि लगातार हो रही इस शारीरिक थकान और मानसिक तनाव का असर उनके स्वास्थ्य पर भी देखने को मिल रहा है। निवासियों का कहना है कि रोजमर्रा का यह सफर अब उनके लिए एक मानसिक प्रताड़ना बन चुका है।
MH48 एक्शन काउंसिल और साउथ इंडियन काउंसिल ने उठाया मुद्दा
नागरिकों की इस गंभीर समस्या को प्रमुखता से उठाते हुए ‘MH48 एक्शन काउंसिल’ और ‘वसई साउथ इंडियन काउंसिल’ ने क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO), ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय प्रशासन के सामने तुरंत हस्तक्षेप की मांग रखी है।
संगठनों की प्रमुख मांगें:
- पीक आवर्स के दौरान वसई पूर्व स्टेशन पर अधिकृत ऑटो रिक्शाओं की संख्या बढ़ाई जाए।
- स्टेशन परिसर में कतार प्रबंधन (Queue Management) को सुचारू और पारदर्शी बनाया जाए।
- भाड़ा ले जाने से मना करने वाले (Refusal to Commute) मनमाने रिक्शा चालकों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
- वसई-विरार महानगरपालिका (VVMC) की बस सेवाओं के फेरे बढ़ाए जाएं ताकि ऑटो पर निर्भरता कम हो सके।
‘MH48 एक्शन काउंसिल’ के जोसेफ वर्गीस और ‘वसई साउथ इंडियन काउंसिल’ के रेजी कुरियन ने संयुक्त रूप से कहा कि प्रशासनिक समन्वय और ठोस कार्ययोजना से वसंत नगरी तथा एवरशाइन सिटी के हजारों निवासियों की रोजमर्रा की राह आसान बनाई जा सकती है। उन्होंने संबंधित विभागों से इस विषय को बेहद गंभीर मानकर तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की अपील की है।












Yes public are facing a lot of problem for rickshaw huge queue no rickshaws available. Private rickshaws also charge a lot. Sharing rickshaws not available and if there then they take long time to fill four passengers
Thank you for publishing the matters affected to the public. Roads, drainages are in bad shape. Exorbitant electricity charges by MSEDCL.
Lot of open lànd is available which ifpossible can be acquired and auto stand can be made. An alternate aproach route for reaching Vasai station can also be made to decongest traffic on present single road.