वसई: देशभर में तूल पकड़ चुके NEET (नीट) परीक्षा पेपर लीक मामले और दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में बुधवार को वसई की सड़कों पर भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। मूसलाधार बारिश की परवाह न करते हुए विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों ने एकजुट होकर विशाल ‘लोकतंत्र बचाओ मोर्चा’ निकाला।
सर्वदलीय एकजुटता: माणिकपुर से नवघर बस डिपो तक गूंजे नारे
यह विरोध मोर्चा वसई के माणिकपुर से शुरू होकर नवघर बस डिपो तक पहुंचा। इस मोर्चे में राजनीतिक मतभेदों को किनारे रखकर कई प्रमुख दल एक मंच पर नजर आए।
- शामिल प्रमुख दल: कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI), समाजवादी पार्टी (SP), महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS), आम आदमी पार्टी (AAP) और बहुजन विकास आघाड़ी (BVA)।
- अन्य प्रतिभागी: भारी संख्या में छात्र, अभिभावक, युवा और स्थानीय नागरिक।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुई बर्बर पुलिस कार्रवाई पर कड़ा रोष जताया।
मुंह पर काली पट्टी बांधकर जताया मौन विरोध
वसई के अलावा विरार पूर्व के मनवेल पाड़ा इलाके में भी NEET धांधली के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुआ। यहाँ प्रदर्शन में शामिल छात्रों और स्थानीय नागरिकों ने अपने मुंह पर काली पट्टी बांधकर सरकार की शिक्षा नीतियों और तानाशाही रवैये के खिलाफ अनोखे अंदाज में ‘मौन विरोध’ दर्ज कराया।
प्रमुख मांगें
प्रदर्शनकारियों और छात्र संगठनों ने सरकार के सामने स्पष्ट मांगें रखीं:
- पारदर्शिता: प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं और शिक्षा व्यवस्था में पूर्ण पारदर्शिता लाई जाए।
- सख्त कार्रवाई: NEET पेपर लीक के मुख्य दोषियों पर त्वरित और सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
- छात्र सुरक्षा: न्याय की मांग कर रहे विद्यार्थियों पर पुलिस बल प्रयोग तुरंत रोका जाए और उनकी समस्याओं का स्थाई समाधान निकाला जाए।






