वसई: लद्दाख के प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक के आंदोलन के समर्थन में सोमवार को वसई तहसील कार्यालय के बाहर एक विशाल धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया। सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चले इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवाओं, छात्रों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने हिस्सा लेकर हुंकार भरी। इस दौरान सरकार की नीतियों से नाराज होकर एक स्थानीय युवा कार्यकर्ता ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) छोड़ने का भी ऐलान कर दिया।
पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की उठी मांग
प्रदर्शनकारियों ने देश में लगातार हो रहे पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में खामियों और छात्रों के असुरक्षित भविष्य को लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इस दौरान परिसर “छात्रों की ज़िंदगी मायने रखती है”, “पेपर लीक पर रोक लगाओ” और “शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफ़ा दो” जैसे नारों से गूंज उठा।
आंदोलनकारियों का कहना था कि बार-बार होने वाले पेपर लीक से देश के लाखों युवाओं का भविष्य अधर में लटक रहा है, लेकिन सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाने में नाकाम रही है।
जंतर-मंतर अनशन के समर्थन में सौंपा ज्ञापन
धरना आयोजकों ने स्पष्ट किया कि यह विरोध-प्रदर्शन नई दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक द्वारा किए जा रहे अनशन और मांगों के समर्थन में आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सरकार जल्द से जल्द छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करे और शिक्षा प्रणाली में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करे।
पूरा प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, जिसके बाद आयोजकों ने प्रशासनिक अधिकारियों को अपनी मांगों का एक ज्ञापन सौंपा।





