वसई-विरार: वसई-विरार कांग्रेस पार्टी को नई पहचान और संगठन में नई ऊर्जा देने के उद्देश्य से कांग्रेस के जिला महासचिव रवि भूषण ने 10 सूत्रीय कार्यक्रम प्रस्तावित किया है। उन्होंने पार्टी के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से संगठन का विस्तार करने और जनाधार बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाने का आह्वान किया है।
गांधीवादी विचारधारा पर दिया जोर
रवि भूषण ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस का विस्तार केवल चुनावी राजनीति तक सीमित नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि गांधीवादी विचारधारा और जनहित के मुद्दों पर संघर्ष करके ही पार्टी को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि पार्टी गांधीवाद, शांतिपूर्ण सत्याग्रह और जनसमस्याओं के खिलाफ लगातार आवाज उठाने पर ध्यान केंद्रित करे।
स्थानीय मुद्दों पर सक्रिय रहने की अपील
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार, महानगरपालिका की कार्यप्रणाली और पुलिस की कथित दमनकारी नीतियों के खिलाफ गांधीवादी तरीके से संघर्ष शुरू किया जाना चाहिए। इसके साथ ही नागरिकों के सुरक्षा और सम्मान से जीने के मौलिक अधिकार को प्रमुख मुद्दा बनाकर जनता के बीच जाना जरूरी है। रवि भूषण ने कांग्रेस को स्थानीय स्तर पर हर मुद्दे पर सक्रिय रहने और वसई-विरार के विकास के लिए पार्टी का विजन सार्वजनिक करने की सलाह दी।
नो कॉम्प्रोमाइज, नो सेटलमेंट की नीति
उन्होंने नो कॉम्प्रोमाइज और नो सेटलमेंट की नीति अपनाने पर जोर दिया। रवि भूषण का मानना है कि पार्टी को ऐसे उदाहरण पेश करने चाहिए जिससे जनता को कांग्रेस की प्रतिबद्धता पर भरोसा हो सके।
बीवीए के साथ समझौते पर लगाई रोक की मांग
अपने सुझावों में रवि भूषण ने महाराष्ट्र कांग्रेस नेतृत्व से मांग की है कि प्रदेश अध्यक्ष सार्वजनिक रूप से यह आश्वासन दें कि उनके कार्यकाल में किसी भी चुनाव में बहुजन विकास आघाड़ी के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी मांग की कि बीवीए के नेताओं के साथ गुप्त बैठक करने वाले कांग्रेस नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
रवि भूषण ने कहा कि यदि कांग्रेस इन सिद्धांतों पर आगे बढ़ती है तो वसई-विरार में पार्टी मजबूती से खड़ी होगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की स्वतंत्र और स्वावलंबी पहचान का निर्माण करना समय की मांग है।







