खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के आयुक्त तुकाराम मुंढे के पदभार संभालते ही मिलावट और नियमों के उल्लंघन के खिलाफ सख्त अभियान शुरू हो गया है। इसी कड़ी में वसई-विरार में एफडीए पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। गुटखा और पान की दुकानों पर कार्रवाई के बाद अब होटल, रेस्टोरेंट और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं की व्यापक जांच की जाएगी।
होटल व्यवसायियों के साथ विशेष बैठक, दी गई सख्त चेतावनी
कार्रवाई शुरू करने से पहले एफडीए ने वसई-विरार के होटल संचालकों की एक विशेष बैठक बुलाई। इस बैठक में 126 होटल व्यवसायियों ने हिस्सा लिया। अधिकारियों ने खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता और कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही साफ चेतावनी दी कि निर्धारित नियमों का पालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ बिना किसी रियायत के सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
होटलों और स्ट्रीट फूड के लिए नए नियम, अखबार में खाना परोसने पर रोक
एफडीए ने खाद्य पदार्थों की बिक्री के लिए कई नियम अनिवार्य कर दिए हैं। अब हर होटल के किचन के लिए अलग लाइसेंस होना जरूरी होगा। मेन्यू कार्ड या डिस्प्ले बोर्ड पर खाने की कैलोरी और पोषण संबंधी जानकारी देनी होगी। साथ ही, वड़ा पाव, भजिया या किसी भी खाद्य पदार्थ को अखबार या छपे हुए कागज में परोसने पर पूरी तरह रोक रहेगी। इसके अलावा, ग्राहकों को मुफ्त में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना और कर्मचारियों को खाद्य सुरक्षा का प्रशिक्षण देना अनिवार्य होगा।
जल्द शुरू होंगे अचानक निरीक्षण अभियान
पालघर के सहायक आयुक्त व्यंकटेश चव्हाण ने बताया कि होटल व्यवसायियों को सभी नियमों की जानकारी दे दी गई है। अब जल्द ही वसई-विरार के विभिन्न क्षेत्रों में अचानक निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।




