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वसई-विरार मनपा में 44.92 करोड़ के अतिरिक्त खर्च का विवादित प्रस्ताव स्थगित, भाजपा ने बताई बड़ी जीत |

June 18, 2026 1:01 PM
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विरार: वसई-विरार शहर महानगरपालिका की स्थायी समिति ने प्रशासकीय कार्यकाल के दौरान सड़कों के गड्ढे भरने के नाम पर किए गए 44.92 करोड़ रुपये के अतिरिक्त खर्च को मंजूरी देने वाले विवादित प्रस्ताव को स्थगित कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी ने इस निर्णय को अपने विरोध और दबाव की बड़ी जीत करार दिया है।

स्थायी समिति में भाजपा का आक्रामक विरोध

भाजपा के विरोधी पक्षनेता मनोज पाटिल के अनुसार, इससे पहले इस प्रस्ताव को महासभा में मंजूरी दिलाने का प्रयास किया गया था। लेकिन विपक्ष के तीव्र विरोध के कारण उसे वापस लेना पड़ा। इसके बाद यह प्रस्ताव स्थायी समिति की बैठक में विषय क्रमांक 22 के तहत फिर से पेश किया गया, जहां भाजपा सदस्यों ने इसका आक्रामक तरीके से विरोध किया।

बजट से करोड़ों रुपये अधिक खर्च करने का आरोप

मनोज पाटिल ने बताया कि प्रभाग ए से लेकर प्रभाग आई तक सड़क मरम्मत कार्यों के लिए 502.96 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत था। लेकिन प्रशासन की ओर से 547.88 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का दावा किया गया है। इसी अतिरिक्त 44.92 करोड़ रुपये के खर्च को कार्योत्तर मंजूरी देने की मांग की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि एक वित्तीय वर्ष में 56.56 करोड़ रुपये की मूल स्वीकृति के मुकाबले 161.24 करोड़ रुपये खर्च दिखाकर 104.68 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय किया गया, जिसका सीधा लाभ ठेकेदारों को पहुंचा है।

स्वतंत्र एजेंसी से जांच की मांग

विपक्ष ने सवाल उठाया कि बिना पूर्व मंजूरी के करोड़ों रुपये खर्च कर बाद में स्वीकृति लेने की प्रक्रिया किस नियम के तहत अपनाई गई। मनोज पाटिल ने मांग की कि पूरे मामले की जांच किसी स्वतंत्र तकनीकी एजेंसी से कराई जाए और इसका ऑडिट किया जाए। उनका कहना है कि जब तक खर्च और कार्यों की पारदर्शिता साबित नहीं हो जाती, तब तक वित्तीय मंजूरी नहीं दी जानी चाहिए।

स्थायी समिति द्वारा प्रस्ताव को फिलहाल स्थगित किए जाने को भाजपा ने पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।

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