वसई-विरार: वसई-विरार शहर महानगरपालिका (VVMC) क्षेत्र में इस बार जलसंकट की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। मौसम विभाग द्वारा अल नीनो के प्रभाव से सामान्य से कम बारिश की संभावना जताए जाने के बाद, महानगरपालिका प्रशासन ने नागरिकों से पानी का मितव्ययी उपयोग करने और जल बचत में सहयोग करने की अपील की है।
वर्तमान जलापूर्ति की स्थिति
महानगरपालिका प्रशासन के अनुसार, वर्तमान में पेल्हार, उसगांव और सूर्या जलापूर्ति योजनाओं के जरिए शहर को प्रतिदिन लगभग 400 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) पानी की आपूर्ति की जा रही है। जलापूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए बांधों में जलसंग्रह की लगातार समीक्षा की जा रही है।
जुलाई के अंत तक पर्याप्त रहेगा जलभंडार
पिछले साल की तुलना में इस साल बांधों में पानी का स्तर काफी कम दर्ज किया गया है। हालांकि, प्रशासन का अनुमान है कि वर्तमान जलसंग्रह जुलाई माह के अंत तक शहर की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त रहेगा। महानगरपालिका आयुक्त लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और राज्य सरकार के जलसंकट निवारण दिशा-निर्देशों के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
लीकेज रोकने पर विशेष जोर
जलसंकट की स्थिति से निपटने के लिए मनपा प्रशासन पानी की लीकेज रोकने और वितरण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के विशेष उपाय लागू कर रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि मानसून आने में देरी होती है या स्थिति गंभीर होती है, तो भविष्य में पानी की कटौती जैसे सख्त फैसले भी लिए जा सकते हैं।
नागरिकों से सहयोग की अपील
महानगरपालिका ने नागरिकों को भरोसा दिलाया है कि जलस्थिति से जुड़ी हर महत्वपूर्ण जानकारी समय-समय पर साझा की जाएगी। प्रशासन ने आम नागरिकों से जिम्मेदारी बरतने और उपलब्ध जलसंसाधनों का दुरुपयोग रोकने का आग्रह किया है।







