वसई/विरार, (Ralivenews), वसई-विरार शहर महानगरपालिका (VVMC) ने शहर में बढ़ती आवारा कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करने और रेबीज के खतरे को कम करने के लिए चलाए जा रहे नसबंदी एवं टीकाकरण अभियान की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की है।
👉 वसई-विरार में आवारा कुत्तों की संख्या 80 हजार से 1 लाख के बीच होने का अनुमान।
मनपा के अनुसार, शहर में आवारा कुत्तों की अनुमानित संख्या 80 हजार से 1 लाख के बीच है, जिसे देखते हुए विशेष नसबंदी केंद्रों और रेबीज नियंत्रण कार्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है।
👉 2021 से 2025-26 तक कुल 27,674 आवारा कुत्तों की नसबंदी की गई।
मनपा ने वर्ष 2021 से अब तक विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से बड़े पैमाने पर कुत्तों की नसबंदी कराई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 2021 से 2025-26 तक कुल 27,674 आवारा कुत्तों की नसबंदी की गई है, जबकि मिशन रेबीज संस्था के सहयोग से 15,474 कुत्तों का मुफ्त टीकाकरण किया गया। इस प्रकार कुल 43,148 कुत्तों को अभियान के दायरे में लाया गया है।
👉 विरार पूर्व में 160 कुत्तों की क्षमता वाला नसबंदी केंद्र संचालित।
मनपा के अनुसार, वर्ष 2019 में विरार पूर्व स्थित प्रभाग समिति ‘डी’ क्षेत्र में 160 कुत्तों की क्षमता वाला नसबंदी केंद्र शुरू किया गया था। यहां आवारा कुत्तों की नसबंदी, घायल कुत्तों का उपचार तथा रेबीज टीकाकरण किया जाता है। वर्तमान में इस केंद्र का संचालन प्रतापराव राणे एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा किया जा रहा है।
👉 जेनिस स्मिथ एनिमल वेलफेयर ट्रस्ट के माध्यम से दूसरा नसबंदी केंद्र भी शुरू।
इसके अलावा बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए विरार पूर्व के काशीद कोपर क्षेत्र में जेनिस स्मिथ एनिमल वेलफेयर ट्रस्ट के माध्यम से एक और केंद्र स्थापित किया गया है। यहां आवारा कुत्तों को पकड़ने, नसबंदी करने, भोजन और उपचार की व्यवस्था करने तथा स्वस्थ होने के बाद उन्हें वापस उसी क्षेत्र में छोड़ने की प्रक्रिया अपनाई जाती है।
👉 ABC (एनिमल बर्थ कंट्रोल) मॉनिटरिंग कमेटी का गठन, अब तक 6 बैठकें आयोजित।
मनपा ने बताया कि नसबंदी केंद्रों की निगरानी के लिए ABC (Animal Birth Control) मॉनिटरिंग कमेटी का गठन किया गया है, जिसकी अब तक छह बैठकें हो चुकी हैं। साथ ही नसबंदी के बाद निकाले गए अंगों के वैज्ञानिक निपटान की निगरानी के लिए अलग समिति भी बनाई गई है।
👉 अगस्त 2025 से मिशन रेबीज के सहयोग से विशेष रेबीज नियंत्रण अभियान जारी।
रेबीज नियंत्रण के लिए अगस्त 2025 से मिशन रेबीज संस्था के सहयोग से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत अब तक 15,474 आवारा कुत्तों का टीकाकरण किया जा चुका है। साथ ही स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर रेबीज से बचाव और उपचार के बारे में जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।
👉 आवारा कुत्तों से जुड़ी शिकायतों के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-233-0399 शुरू।
आवारा कुत्तों से संबंधित शिकायतों के निवारण के लिए मनपा ने टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-233-0399 भी शुरू की है।
👉 मनपा का दावा— नसबंदी और टीकाकरण से रेबीज के खतरे तथा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर लगेगी रोक।
मनपा का दावा है कि इन उपायों से आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने, रेबीज संक्रमण के मामलों को कम करने और मानव जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।






