
वाराणसी। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर योगदा सत्संग सोसायटी ऑफ इंडिया, रांची के संस्थापक तथा विश्वविख्यात ग्रंथ ‘योगी कथामृत’ के लेखक परमहंस योगानंद जी के योग एवं आध्यात्मिक साहित्य पर आधारित विशेष प्रदर्शनी का आयोजन 20 एवं 21 जून 2026 को महमूरगंज स्थित योगदा सत्संग ध्यान मंडली केंद्र में किया गया।

प्रदर्शनी में भगवद्गीता, योग, क्रियायोग, ध्यान, आध्यात्मिक जीवन और आत्म-विकास से संबंधित 700 से अधिक पुस्तकों को प्रदर्शित किया गया। आयोजन का उद्देश्य समाज में योग, ध्यान और आध्यात्मिक जागरूकता को बढ़ावा देना रहा।आयोजकों ने बताया कि परमहंस योगानंद जी द्वारा प्रचारित क्रियायोग राजयोग की एक उच्चतर साधना पद्धति है, जो ऊर्जा और चेतना के विकास से सीधे जुड़ी हुई है। उनके अनुसार सांसारिक उपलब्धियां स्थायी संतोष नहीं दे सकतीं, जबकि योग और ध्यान के माध्यम से व्यक्ति शांति, संतुलन और असीम आनंद की अनुभूति कर सकता है।प्रदर्शनी में योगदा पाठों के माध्यम से शक्तिसंचार, एकाग्रता और ध्यान की विभिन्न विधियों की जानकारी भी दी गई। इन पाठों को रांची स्थित मुख्यालय से डाक द्वारा साधकों तक पहुंचाया जाता है।





