मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई में ‘ड्रग फ्री मुंबई’ नशामुक्ति जनजागृति अभियान का भव्य शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘नशामुक्त भारत’ के संकल्प को साकार करने के लिए हम सभी को एकजुट होकर काम करना होगा। उन्होंने मुंबई और पूरे महाराष्ट्र को पूरी तरह से ड्रग्स मुक्त बनाने का आह्वान किया।
युवा शक्ति ही विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत मुख्यमंत्री फडणवीस ने युवाओं के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत दुनिया में सबसे अधिक युवा आबादी वाला देश है। यही युवा शक्ति हमारे विकसित भारत के सपने को सच करेगी। उन्होंने कहा कि भावी पीढ़ी को नशे के अंधकार से बचाना बेहद आवश्यक है, क्योंकि आज का युवा ही कल का डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक और राष्ट्र निर्माता बनेगा।

ड्रग्स के खिलाफ समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा देश विरोधी ताकतों द्वारा युवाओं को नशे के जाल में धकेलने की साजिश पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के खिलाफ यह लड़ाई केवल पुलिस या प्रशासन की नहीं है। इसमें शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, सामाजिक न्याय विभाग, शिक्षकों, विद्यार्थियों, अभिभावकों और समाज के हर जागरूक नागरिक को अपनी सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
सख्त कार्रवाई का आश्वासन, गुप्त सूचना देने वाले होंगे सम्मानित सरकार के कड़े रुख को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि ड्रग्स के उत्पादन, तस्करी और बिक्री के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अपील की कि वे नशे के कारोबार से जुड़ी किसी भी जानकारी को तुरंत प्रशासन के साथ साझा करें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और उन्हें सम्मानित भी किया जाएगा।
विद्यार्थी लें ‘Say No to Drugs’ का संकल्प उन्होंने छात्रों से ‘Say No to Drugs’ का संकल्प लेने का आग्रह किया और कहा कि स्कूल, कॉलेज तथा विश्वविद्यालय इस अभियान के प्रमुख केंद्र हैं। यदि हम सब मिलकर प्रयास करें, तो अगले 3 से 4 वर्षों में ‘ड्रग फ्री मुंबई’ और ‘नशामुक्त भारत’ का लक्ष्य आसानी से हासिल किया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।











