सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को अधिक पारदर्शी, सुगम और प्रभावी बनाने के लिए महाराष्ट्र सरकार के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने आधिकारिक निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि प्रदेश की राशन दुकानों (उचित मूल्य की दुकानों) तक हर महीने खाद्यान्न की आपूर्ति समय पर सुनिश्चित की जाएगी, ताकि प्रत्येक माह की 7 तारीख को ‘अन्न दिवस’ का आयोजन बिना किसी बाधा के किया जा सके।
पालघर सांसद की पहल पर सरकार का एक्शन यह निर्णय पालघर के सांसद डॉ. हेमंत सवरा की मांग और निरंतर प्रयासों के बाद लिया गया है। सांसद सवरा ने 8 जून 2026 को राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपकर राशन प्रणाली से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY), वन नेशन वन राशन कार्ड (ONORC) और ई-पॉस (e-PoS) मशीन से जुड़ी तकनीकी व व्यावहारिक दिक्कतों की ओर ध्यान आकर्षित किया था। उन्होंने मांग की थी कि ‘अन्न दिवस’ के सफल कार्यान्वयन के लिए दुकानों तक खाद्यान्न का अग्रिम स्टॉक पहुंचे।
जिला अधिकारियों को जारी हुए कड़े निर्देश सांसद की इस जनहितैषी मांग पर त्वरित कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र सरकार ने 29 जुलाई 2026 को आधिकारिक आदेश जारी कर दिए। मुंबई-ठाणे शिधा वितरण क्षेत्र के उप नियंत्रकों, सभी जिला आपूर्ति अधिकारियों (DSO) और खाद्यान्न वितरण अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पूर्व में तय शासन निर्णयों का सख्ती से पालन करें और 7 तारीख से पहले हर राशन दुकान तक अनाज की डिलीवरी सुनिश्चित करें।
लाभार्थियों और दुकानदारों दोनों को होगा फायदा सरकार के इस फैसले से सार्वजनिक वितरण प्रणाली की कार्यक्षमता में व्यापक सुधार देखने को मिलेगा। समय पर खाद्यान्न पहुंचने से उचित मूल्य दुकानदारों को वितरण प्रक्रिया में आसानी होगी और सबसे महत्वपूर्ण, गरीब व जरूरतमंद लाभार्थियों को बिना किसी देरी के समय पर राशन मिल सकेगा।











