सोशल मीडिया पर रील्स बनाने और लाइक्स हासिल करने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने वाले युवाओं के खिलाफ रेलवे प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। वसई के नायगांव-भाईंदर खाड़ी रेलवे पुल के प्रतिबंधित क्षेत्र में घुसकर खतरनाक स्टंट करने वाले छह युवकों को आरपीएफ (RPF) की कार्रवाई के बाद सार्वजनिक रूप से अपनी गलती स्वीकार कर माफी मांगनी पड़ी है।
स्टंट के लिए तोड़े रेलवे सुरक्षा के नियम मामला अगस्त महीने का है, जब इन युवकों ने खाड़ी पुल के लोहे के डक्ट का ताला/कवर खोलकर अवैध रूप से प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश किया। इसके बाद वे सीढ़ी के सहारे पुल के निचले हिस्से में उतरे और लोहे की सरियों से लटककर पुल-अप्स (Pull-ups) करने लगे। इतना ही नहीं, रील्स को आकर्षक बनाने के लिए उन्होंने रेलवे संपत्ति पर स्प्रे पेंट से चित्रकारी (ग्रेफिटी) भी की थी।
वीडियो वायरल होते ही RPF ने दर्ज की FIR युवकों द्वारा बनाए गए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने त्वरित कार्रवाई की। भाईंदर आरपीएफ थाने में संबंधित युवकों के खिलाफ रेलवे अधिनियम की धारा 145 (उपद्रव मचाना) और धारा 147 (अवैध रूप से प्रवेश करना) के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया गया।
भविष्य खराब होने का सताया डर, मांगी माफी कानूनी शिकंजा कसते ही सभी छह युवकों के होश ठिकाने आ गए और उन्होंने अपनी गलती स्वीकार कर ली। पश्चिम रेलवे ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ (ट्विटर) हैंडल से इन युवकों के माफीनामे का एक वीडियो भी शेयर किया है। रेलवे ने साफ संदेश देते हुए लिखा—“स्टंट भले रील्स के लिए था, लेकिन RPF की कार्रवाई बिल्कुल वास्तविक थी।”
माफी मांगते हुए युवकों ने युवाओं से अपील की कि वे ऐसी खतरनाक हरकतों से दूर रहें, क्योंकि जानलेवा जोखिम के साथ-साथ पुलिस केस दर्ज होने से उनका करियर और भविष्य पूरी तरह बर्बाद हो सकता है।










