---Advertisement---

वसई में बाढ़ से धान की फसल को भारी नुकसान, किसानों के सामने दोबारा बुवाई का संकट |

July 13, 2026 1:49 PM
---Advertisement---

वसई: वसई-विरार क्षेत्र में पिछले सप्ताह हुई लगातार भारी बारिश और बाढ़ का सबसे अधिक प्रभाव कृषि क्षेत्र पर पड़ा है। कई गांवों में धान के खेत लंबे समय तक जलमग्न रहने से फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। खेतों में अभी भी पानी जमा होने के कारण धान की नर्सरी और पौधे प्रभावित हो रहे हैं, जिससे किसानों को दोबारा बुवाई करने की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।

खेती के चक्र पर प्रभाव

वसई तालुका धान उत्पादन के लिए प्रमुख क्षेत्र माना जाता है। कृषि विभाग के अनुसार, इस वर्ष मानसून की देरी के कारण खेती की शुरुआत पहले ही प्रभावित हुई थी। इसके बाद तेज बारिश के बीच किसानों ने बुवाई का कार्य शुरू किया और लगभग 50 से 60 प्रतिशत क्षेत्र में बुवाई पूरी भी हो चुकी थी। किंतु अचानक आए बाढ़ के पानी ने तैयार फसल और नर्सरी को क्षतिग्रस्त कर दिया है।

आर्थिक संकट और बढ़ती लागत

किसानों का कहना है कि बुवाई के पश्चात शीघ्र ही रोपाई की प्रक्रिया शुरू होनी थी, लेकिन लगातार जलभराव के कारण खेत पूरी तरह प्रभावित हो गए हैं। अब दोबारा बीज खरीदकर नई नर्सरी तैयार करने में लगभग 20 दिन का अतिरिक्त समय लगेगा, जिससे खेती का पूरा चक्र प्रभावित होने की आशंका है। महंगे बीज और बढ़ती कृषि लागत के कारण किसान आर्थिक दबाव का सामना कर रहे हैं और अतिरिक्त खर्च जुटाना उनके लिए चुनौतीपूर्ण है।

प्रशासनिक स्तर पर सर्वेक्षण जारी

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया है कि बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों का सर्वेक्षण कार्य प्रगति पर है। जिन किसानों की फसल को क्षति पहुंची है, उन्हें राहत और सहायता उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक प्रक्रिया शुरू की जा रही है। विभाग ने किसानों से प्रशासन के संपर्क में रहने और अपनी क्षति का विवरण दर्ज कराने का आग्रह किया है। फिलहाल, सर्वेक्षण और जांच की प्रक्रिया जारी है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related Stories

Leave a Comment